इब्रानी 11:31 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान31 राहाब ती कंज़री पर तैहा किअ विश्वास, और तैहा दैनअ तिन्नां इस्राएली मणछा लै लुक्की रहणा लै आसरअ ज़ुंण येरिहो नगरीए भेद लंदै तै आऐ दै। इहअ करै निं सह तिन्नां लोगा संघै मारी ज़ुंण परमेशरो बरोध करा तै। (याकूब 2:25; यहोशू 2:11-12; 6:21-25) Viz kapitolaकुल्वी31 राहाब नाँ री वैश्यै बशाह केरू ता सौ परमेश्वरा रै हुक्म नी मनणु आल़ै सैंघै नाश नी हुई किबैकि तेसै इस्राएली जासूसा रा स्वागत केरू ज़ो यरीहो शैहरा बै हेरनै री तैंईंयैं आऐ ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम31 बुशाह ही का राहाब बेश्या आज्ञा नांई मनणे आले संघा नष्ट नांई होई, एतकि तणी कि तेसा भेदी शांति सगे डाही दे थी। Viz kapitola |