इब्रानी 10:34 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान34 ज़ुंण मसीहा दी विश्वास करनै पिछ़ू कैद तै किऐ दै, तम्हैं निं सिधै तिन्नां लै झणैल़ू बणैं पर तम्हैं दैनी खुशी-खुशी आपणीं ज़ैदात विश्वास नांईं करनै आल़ै बी निंणै। किल्हैकि तम्हां का आसा त थोघ कि तम्हां लै आसा एता का बधिया सदा रहणैं आल़ी ज़ैदात स्वर्गै डाही दी। Viz kapitolaकुल्वी34 तुसै कैदी रै दु:खा न दु:खी बी हुऐ किबैकि तै मसीह न बशाह केरा ती होर आपणी ज़ायदात ऐ ज़ाणिया खुशी सैंघै लुटणै धिनी कि तुसा हागै स्वर्गा न होर बी सही होर हमेशा ठहरनू आल़ी ज़ायदात सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम34 किबेकि तमे केदी रे दुखा में भी दुखी होई, होर आपणी सम्पति भी खुशी संघा लूटणे दिंनी, यह जाणी करे कि तमा सेटा एक होर भी उतम होर सदा रहंणे आली संम्पति साहा। Viz kapitola |