इब्रानी 10:25 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 आप्पू मांझ़ै कठा हणअ निं छ़ाडी, ज़िहअ कि कई भैस्स आसा, पर एकी दुजै रहा समझ़ाऊंदै लागी; और ज़िहअ-ज़िहअ प्रभूए फिरी एछणें धैल़ै तम्हैं नेल़ एछदअ भाल़े, तिहअ-तिहअ रहै होर बी खास्सै मिलदै-ज़ुल़दै लागी। Viz kapitolaकुल्वी25 होर एकी होरी सैंघै कठा होंणा मता छ़ौड़दै, ज़ैण्ढा कि किछ़ लोका केरा सी, पर एकी होरी बै समझ़ाँदै रौहा होर ज़ैण्ढै-ज़ैण्ढै तुसै प्रभु रै वापस ऐणै रै ध्याड़ै बै नेड़ हेरलै तैण्ढै-तैण्ढै होर बी ज़ादा एकी दुज़ै बै उत्साहित केरदै रौहा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 होर एकु दूजे संघा कठे हूँणा नांई छाडे किबेकि केतरे री रीति साहा, पर एकु दूजे उत्साहित करदे रहा तेसा धयाडी नेड ईहंदी हेरा तेडे-तेडे होर भी ज्यादा यह करे करा। Viz kapitola |