गलातियों 6:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 एसा गल्लो डाहै धैन ज़ुंण इहअ समझ़ी करै दुजे मज़त नांईं करदै कि तिंयां आसा होरी का खास्सै ज़रूरी, असली दी निं तिंयां खास्सै ज़रूरी आथी और तिंयां दैआ आप्पू लै धोखअ। Viz kapitolaकुल्वी3 किबैकि अगर कोई आपु बड़ा समझ़ा सा होर ज़ैबैकि सौ सच़ी न ऐण्ढा नैंई ऑथि, ता सौ आपणै आपा बै धोखा देंदा लागा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 किबेकि अगर किछे नांई हूँणे पंदे भी कुण आपणे आपा वै कुछ समझा, तेबा आपणे आपा वै धोखा दिंदा। Viz kapitola |