इफिसियों 4:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 हुंह पल़सी आसा इधी मसीहा ईशूओ प्रच़ार करनै पिछ़ू कैद किअ द। हुंह करा तम्हां का अरज़ ज़ुंण परमेशरै एही ज़िन्दगी ज़िऊंणां लै आसा छ़ांटै दै ज़ेता करै मसीहो अदर होए ज़ुंणी तम्हैं शादै दै आसा। Viz kapitolaकुल्वी1 तैबै हांऊँ ज़ुण प्रभु न कैदी सा तुसा न प्रार्थना केरा सा, कि ज़ुणी बुलाहटा न तुसै शाधै ती, तेइरै लायक चाल चला। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 एतकि तणी हाऊं जोह प्रभु में बन्दी साहा तमें संघा बिनती करा कि जासु बुलाहटा का तमे शादी दे थी, तेतके लायक जिंदगी चले चला, Viz kapitola |