कुलुस्सी 3:16 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान16 ज़ुंण तम्हैं मसीहा का आसा शिखल़अ द, तिन्नां हर गल्ला मनी ज़िऊआ आपणीं ज़िन्दगी परमेशरे मरज़ी दी। एकी दुजै लै दैआ आपणीं बुधि करै समझ़ाऊंणी और सखाऊंणी ज़ुंण तम्हां परमेशरा का आसा भेटी दी। भज़न, गाऊंण और आत्मिक गिहा करै रहा परमेशरे स्तोती और शूकर करदै लागी। Viz kapitolaकुल्वी16 मसीह रै वचना बै आपणै दिला न बोहू बसणै देआ, होर सिद्ध ज्ञाना सैंघै एकी दुज़ै बै सिखात, होर सलाह देआ, होर आपणै-आपणै मना न धन्यवादा सैंघै परमेश्वरै री तैंईंयैं भजन होर स्तुतिगान होर आत्मिक गीत गात्। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम16 मसीह रे बचना आपणे ह्रदय में अधिकाई का बसणे देआ; होर सिद्ध ज्ञान सहित एक दूजे सहन होर पढ़आ, होर आपणे-आपणे मना में अनुग्रहा संघा परमेश्वरा वै भजन होर धन्यवाद होर आत्मिक गीहा बोला। Viz kapitola |