कुलुस्सी 3:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 एसा नऊंईं ज़िन्दगी दी नां ता कुंण यूनानी रह, नां यहूदी, नां खतैर आल़अ नां खतैर किऐ बाझ़ी, नां ज़ंगली नां परदेसी, नां टैहलू, नां गुलाम, पर सिधअ मसीहा आसा सोभ किछ़ और सह आसा तम्हां सोभी दी ज़िऊंदअ। Viz kapitolaकुल्वी11 तिन्हां मौंझ़ै न ता कोई यूनानी रौहू, न यहूदी, न खतना आल़ै, न बिना खतनै आल़ै, न जंगली, न सेकती, न गुलाम होर न आज़ाद, सिर्फ़ मसीह सा ज़ो सैभी न बड़ा सा होर सौ सैभी न रौहा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 तेऊमें नाह तअ यूनानी रहू, नाह यहूदी, नाह खतना नाह खतना रहित, नाह जंगली, नाह स्कूती, नाह नोकर होर नाह आज़ाद। सीधी मसीह सब कुछ होर सभी में साहा। Viz kapitola |