कुलुस्सी 2:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 चतैन रहा कि कोई तम्हां तेऊ कथ्या काहाणीं और बेकार गल्ले धोखै करै खतम नां करे, ज़ुंण मणछे रिती रबाज़ और एऊ संसारा बश करनै आल़ी आत्मिक शगती करै एछा, पर मसीहे साबै निं आथी। Viz kapitolaकुल्वी8 साबधान रौहा कि कोई तुसाबै तेई बेकार ज्ञान होर बेकारा रै धोखै री बजहा न भड़काले, ज़ुण मांहणु रै रीति रुआज़ होर लोका री शिक्षा रै मुताबक सा, पर मसीह रै मुताबक नैंई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 चौकस रहा कि कोई तमा तेऊ तत्व-ज्ञाना होर थोगे रे धोखे रे साबे आपणे अहेर नांई बणाए, जोह मणशा री रीति रिवाज होर संसारा री आधी शिक्षा रे साबे तअ साहा, पर मसीहा रे साबे नांई। Viz kapitola |