कुलुस्सी 2:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 इना बिधीए साबै भगती करनी ता ज़ाण्हिंआं बधिया। पर ईंयां आसा मणछै एते तैणीं बणांईं दी कि तिंयां आपणैं साबै परमेशरे भगती करे। तैहीता तिंयां मानदार ता शुझिआ और तिंयां आपणीं देही लै दुख बी दैआ; पर असली दी निं इना बिधी करै तिन्नें मनैं पाप करने सोर मुकदी। Viz kapitolaकुल्वी23 इन्हां बिधि बै एक बुद्धिमान तरीकै न हेरा सी, ज़ो आपु बै परमेश्वरा री तैंईंयैं सौंपणै, तिन्हरी झ़ूठी दीनता होर आपणै शरीरा बै सख्त बर्ताव केरनै री तैंईंयैं मज़बूर केरा सा। पर असली न ऐ बिधि लोका बै तिन्हरी इच्छा बै रोकणै न मज़त नैंई केरदा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 याह बिधि में आपणी इच्छा रे साबे गढ़ी दी नमस्ते री रीति, होर आत्मा दीनता थी होर शरीरा री अभ्यासा रे भावा का ज्ञाना रा ना तअ साहा, पर शारीरिक लालसा रोकणे में याह का किछ भी फायदा नांई हूँदा। Viz kapitola |