कुलुस्सी 2:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 तम्हैं गऐ मसीहा संघै संसारा लै मरी ज़ेभै सह मूंअ ता तम्हैं किऐ एऊ संसारा बश करनै आल़ी आत्मिक शगती का आज़ाद। ऐबै किल्है काटा तम्हैं एते साबै ज़िन्दगी। Viz kapitolaकुल्वी20 ज़ैबै कि तुसै मसीह सैंघै लोका री शिक्षा रै मुताबक मूँएंदै सी, ता फिरी किबै तिन्हरै बराबर ज़ो दुनिया न ज़िन्दगी ज़ीआ सी होर ऐण्ढी बिधि रै वशा न किबै रौहा सी? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 जेबा कि तमे मसीहे संघा संसारा री आदि शिक्षा री तरफा का मुंएँदे हो, तेबा भी किवे त्याह रे बराबर जोह संसारा में जिंदगी बताउंदा? तमें एडी बिधि रे बशा में किवे रहंदा? Viz kapitola |