कुलुस्सी 1:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 थारअ विश्वास लोल़ी मसीहा दी पाक्की आथरी प्रैंदै बणांऐं दै घरा ज़िहअ पाक्कअ हुअ, और तेसा आशा निं तम्हैं छ़ाडी ज़ुंण तम्हां तधू आसा भेटी दी ज़धू तम्हैं खुशीओ समाद शूणअ। ज़ुंण समाद सारै संसारै सोभी का खोज़अ और हुंह पल़सी आसा तेता खोज़णा लै परमेशरो टैहलू छ़ांटअ द। Viz kapitolaकुल्वी23 अगर तुसै आपणै बशाह री नीऊँआ न पक्के बणिया रौहलै, होर तेई खुशी रै समादै री आश ज़ुण तुसै शुणु सा नैंई छ़ौड़लै, ज़ुणिरा प्रचार सर्गा हेठै धौरती रै सैभ लोका री तैंईंयैं केरू सा, ज़ुणिरा हांऊँ पौलुस सेवक बणु सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 अगर तमे बुशाह री मनियादा पंदे पाके बणी रहे होर तेऊ सुसमाचारा री आशा जोह तमे शुणु थी नांई छाडे , ज़ासका प्रचार सरगा थंईली सारी सृष्टि में करू; होर ज़ासकअ हाऊं पौलुस सेबक बणु। Viz kapitola |