कुलुस्सी 1:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 हाम्हैं लिखा एता मसीहा दी तिन्नां पबित्र और भरोस्सैमंद भाई-बैहणी लै ज़ुंण कुलुस्स नगरी रहा। म्हारै बाप्पू परमेशर और प्रभू ईशू मसीहा का आसा मेरी एही अरज़ कि तम्हां सोभी लोल़ी झींण और शांती सदा हुई। Viz kapitolaकुल्वी2 मसीह न तिन्हां पवित्र होर बशाह केरनु आल़ै विश्वासी भाई रै नाँ ज़ुण कुलुस्से शैहरा न रौहा सी, आसरा पिता परमेश्वर तुसाबै अनुग्रह होर शान्ति देंदा रौहै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 मसीहा में त्याह पवित्र होर बिश्बासी भाई रे ना जोह कुलुस्से में रहंदा, माहरे बापू परमेश्वरा री तरफा का तमावै अनुग्रह होर शांति प्राप्त हूँदी रहे। Viz kapitola |