शधाणूं 9:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 ज़ुंण शाऊले तिंयां होरी साथी तै तिन्नैं निं किछ़ै बोलअ। किल्हैकि तिंयां बोल ता शूणैं पर तिधी निं तिन्नां का कोहै शुझुअ! Viz kapitolaकुल्वी7 ज़ो मांहणु तेई सैंघै सफ़र केरदै लागै ती, ते च़ुपच़ाप रौहै; किबैकि तिन्हां न आवाज़ ता शुणिआ ती पर तिन्हां न किछ़ नी ती हेरिदा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम7 जोह मणशे तेऊ संघे यात्रा करण आले थी, त्याह हैरान-परेशान होई, किबेकी शब्द तअ शूणदे लागदे थी, पर कुण हेरी नांई आंहदअ थी। Viz kapitola |