शधाणूं 8:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 बूराईए बाता का हआ दूर थारै मनैं आसा हाम्हां लै कल़बिश भरी दी। तम्हैं आसा सदा बूरै करदै रहणैं आल़ी सोठे बशै हुऐ दै! तम्हैं निं परमेशरे सज़ा का बच़ी सकदै।” (बधान 29:18; लामण 3:15) Viz kapitolaकुल्वी23 “आपणै बुरै कोमा न दूर होआ किबैकि हांऊँ समझा सा, कि तू आसा न बोहू जलन केरा सा, होर तुसै लगातार बुराई केरनु आल़ै ईच्छा रै दास सी, पक्का परमेश्वरा तुसाबै कठोर सज़ा देणी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 किबेकी हाँऊ हेरा कि तूह पिता री कडबाहट संघे होर अधर्मी रे बंधना में पडू दअ साहा। Viz kapitola |