शधाणूं 4:32 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 विश्वास करनै आल़ी मंडल़ी ती दिला और मना का एक हुई दी। इधी तैणीं कि कोहै निं आपणीं ज़ैदाता लै बी आपणीं बोलदअ त। पर तिन्नें ती सोभै गल्ला एकी दुजै लै कठा। Viz kapitolaकुल्वी32 “यहूदी च़ेले विश्वास केरनु आल़ै री मण्डली एक मन होर एक आत्मा न ती। तिन्हां न कोई बी आपणी सम्पति बै आपणी नी ती बोलदा बल्कि तिन्हरा सैभ किछ़ साँझै रा ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 होर बुशाह करन आले री मण्डली एक चित होर एक मना री, अखे तणी कि कोहे भी आपणी सम्पति बे आपणी नांई बोलदा थी, पर सब कुछ कठे में थी। Viz kapitola |