शधाणूं 4:30 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 हे परमेशर आपणअ हाथ कर शगती संघै आजू ताकि हाम्हैं तेरै पबित्र टैहलू ईशूए नांओंऐं लोगे हर बमारी का ठीक हणें नछ़ैण और च़मत्कार करी सके।” Viz kapitolaकुल्वी30 होर लोका बै ठीक केरनै री तैंईंयैं आसाबै शक्ति दै कि आसै नशाणी च़मत्कार होर नौखै कोम तेरै पवित्र सेवक यीशु रै नाँ न केरी सकलै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 होर चागे करने री तणी तूह आपणे हाथ बढा कि चिन्ह होर अदभुत काम तेरे पवित्र सेबक यीशु रे ना का होए। Viz kapitola |