शधाणूं 4:25 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 तंऐं बोलअ पबित्र आत्मां करै आपणैं टैहलू म्हारै पित्तर राज़ै दाबेदे खाखा का, (भज़न 2:12) ‘होरी ज़ातीए लोग रोशै लाल पिंऊंल़ै किल्है आसा हुऐ दै? देशे लोगै किल्है सोठी नथोघी गल्ला? Viz kapitolaकुल्वी25 तैं पवित्र आत्मै रै ज़रियै आपणै सेवक आसरै बुज़ुर्ग दाऊदै रै मूँहा न बोलू, “ ‘होरी ज़ातियै हुल्लड़ किबै मचाऊ, होर देशै रै लोकै बेकारै री गैला किबै सोच़ी? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 तांई पवित्र आत्मा संघे आपणे सेबक हमारे पिता दाऊदा रे मुंहा का बोलू, अन्यजाति हुल्लड किब मचाऊ? होर देशा-देशा रे लोक थोगे गलत गला किबे सोची? Viz kapitola |