शधाणूं 4:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 किल्हैकि इहअ ता हाम्हां का हई निं सकदअ कि ज़ुंण हाम्हैं भाल़अ और शूणअ, तेऊ हाम्हैं होरी का नांईं खोज़े।” Viz kapitolaकुल्वी20 किबैकि ऐ ता आसरै होई नी सकदा कि ज़ो आसै हेरू होर शुणू तेइबै नी बोललै।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 किबेकी यह हामा कअ नांई होई सकदा कि जोह हामे हेरू होर शूणू, सह हामे नांई खोजे। Viz kapitola |