शधाणूं 4:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 पर इहअ करा कि अह गल्ल निं लोल़ी होरी लोगा मांझ़ै खास्सी छिंघुई। ईंयां डरैऊणैं हाम्हां, ताकि एऊ ईशू नांओंआं कसा होरी मणछा का नां खोज़े।” Viz kapitolaकुल्वी17 पर ऐ गैल लोका न बोहू नी लोड़ी फैली, आसा ते धमकाणै कि ते ऐई नाँ न दुज़ी घेरै कौसी मांहणु सैंघै गैल नी केरलै।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 पर तेबा कि यह गअल याह लोका में नांई फैले कि हामा त्याह धमकाऊंणे, कि त्याह एऊ ना कअ भी कासु मणशा संघे गला नां करे। Viz kapitola |