शधाणूं 4:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 ज़ांऊं तिंयां परोहित लोगा का इहअ बोलदै ई तै लागै दै ता मांदरे पहरीए सरदार और सदुकी पंथे लोग आऐ तिन्नां च़िकदै ठुर्ही। Viz kapitolaकुल्वी1 ज़ैबै ते लोका बै बोलदै लागै ती ता पुरोहिते, मन्दिरै रै पौहरैदार होर सदूकी लोका तौखै आऐ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 जेबा पतरस होर युहना लोका बे यह बोलदे, लागे दे थी, तेबा याजक होर मंदिरा रअ सरदार होर सदूकिय त्याह चिकते आए। Viz kapitola |