शधाणूं 28:6 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 पर तिंयां रहै न्हैल़ै लागी कि अह शुआणअ-धुआणअ और तेभी बदल़णअ धरनीं और तेखअ शोटणै एऊ प्राण। पर ज़ांऊं तिंयां खास्सी घल़ी भाल़ै रहै लागी और तिन्नैं भाल़अ कि तेऊ निं किछ़ै हुअ ता तिन्नैं सोठअ आपणैं मनैं इहअ कि अह आसा कोई देअ। Viz kapitolaकुल्वी6 पर तै लोका इंतज़ार केरदै लागै कि ऐईबै सोजिस ऐणी होर एकदम मौरना पर ज़ैबै ते बोहू देरी तैंईंयैं हेरदै रौहै पर तेइरा किछ़ बी नी बिगड़ू ता होर विचार केरिया बोलू, ऐ ता कोई देऊ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 पर त्याह हेरदे रही कि एऊ मुंहाँणना या एकदम पडनअ होर मरणअ, पर त्याहे बहू देरी तणी हेरदे रही होर हेरु कि एऊ तअ किछे नांई होऊ तेबा होर न्याय करन आल़े बोलू, यह कोई देऊ साहा। Viz kapitola |