शधाणूं 28:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 तेखअ शोटी पल़सी सह दानअ आगी जैंदरी, और तेऊ निं किछ़ै हान्नी हुई। Viz kapitolaकुल्वी5 तैबै पौलुसै सौ कीड़ा झटकै देईया औगी बै शेटू होर तेइरा किछ़ नुकसान नी हुआ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 तेबा तेऊ सह सर्प आगि में ठोकू होर तेऊ किछे नांई होऊ। Viz kapitola |