शधाणूं 28:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 तिधी मिलै हाम्हैं होरी विश्वासी भाई का और तिन्नें बोल़णैं दी रहै हाम्हैं एकी हबतै तिधी, तिधा का पुजै हाम्हैं खिरी मसा जाई करै रोम। Viz kapitolaकुल्वी14 तौखै आसाबै विश्वासी मिलै होर तिन्हरै बोलणै सैंघै आसै तिन्हरी हागै सौत रोज़ा तैंईंयैं रौहै होर ऐसा रीतियै आसै रोमा बै च़लै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 तखे हामा होरा भाई भेटे, होर त्याह री बिनती करने का हाम साता धयाडी रही होर एढ़ी तरह हामे रोमा बे नाठे। Viz kapitola |