शधाणूं 28:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 माल्टा टापू दी चिई भिन्नैं बाद बेठै हाम्हैं सिकंदरीया नगरीए एकी ज़हाज़ा दी और च़लै आजू, सह ज़हाज़ त तेऊ टापू दी हिंऊंद धैल़ै काटदअ खल़्हुअ द। तेऊ ज़हाज़े मोहरै दी त नछ़ैण “दोगल़ भाई” देओए मुर्ति। Viz kapitolaकुल्वी11 त्रा म्हीनै बाद आसै सिकन्दरियै शैहरा बै ज़ाणू आल़ै एकी जहाज़ा न च़लै। ऐ ज़हाज़ ठण्डा री बजहा न टापू न रूकिरा ती, ऐई जहाज़ा रै सामनै एक जुड़वै देऊआ रा नशाण ती, ज़ुणिबै यूनानी भाषा न दियुसकूरी बोला ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 चीई महीने बाद हामे सिकंदरिया रे एकी जहाजा में तखा कअ निकदे, जोह तेऊ टापू में पुरे ठान्डे रे धयाडे रहू, होर जासका चिन्ह दियुस्कुरी थी। Viz kapitola |