शधाणूं 27:43 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान43 पर सुबैदार च़ाहा त पल़सी बच़ाऊंणअ और तेऊ निं सपाही तिन्नां कोही कैदी मारनै दैनअ। पर तेऊ बोलअ इहअ कि ज़ुंण तैरी सका, सह निखल़ा पैहलै छ़ाहल़ दैई करै समुंदरे बाढै Viz kapitolaकुल्वी43 पर सूबैदारै पौलुसा बै बच़ाणै री इच्छा न ते तिन्हां मारनै न रोकै होर ऐ बोलू, ज़ो तारी देई सका सी तिन्हैं छ़लाँग मारिया कनारै बै निकल़ा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम43 पर सुबेदार पौलुसा बचाऊंणे री इच्छा संघे त्याह एऊ न्याया का रोकी होर यह बोलू, जोह तैरी सका पहिले किनारे पैंदे पूजले। Viz kapitola |