शधाणूं 27:34 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान34 एता लै समझ़ाऊआ हुंह तम्हां का इहअ कि धख-धख खाआ, ज़ेता करै तम्हैं बच़ी सका, हैल़अ निं करा, तम्हां मांझ़ै निं कसरै मुंडो एक शराल़ बी बरैबाद हणअ।” Viz kapitolaकुल्वी34 ऐबै हांऊँ तुसाबै समझ़ा सा कि किछ़ खाई लेआ कि तुसरा बच़ाव होला किबैकि तुसा सुरक्षित रौहणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम34 तेबा हाँउ तमा बिनती करा कि कुछ खा जासू संघे थारा उद्धार हो किबेकी तमामें कि कासी रा एक बाल भी बांका नांई हूंणअ। Viz kapitola |