शधाणूं 27:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 ज़ांऊं च़ौदुई राच हुई, हाम्हैं लागै आन्द्रिया समुंदरै ठणाखदै, ता आधी राची ज़हाज़ च़लाऊंणैं आल़ै समझ़अ कि हाम्हैं पुजै कसा देशा नेल़। Viz kapitolaकुल्वी27 ज़ैबै च़ौदवी राती न आसै अद्रिया समुन्द्रा न फिरदै लागै ती ता औधी रातियै समुन्द्री जहाज़ा च़लाणू आल़ै ठोकरा सैंघै ज़ाणू कि आसै कौसी देशै रै नेड़ पुजदै लागै सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 जेबा चहूदी राच आऊई होर हाँमे आद्रिया समुद्रे भटकदे लागदे थी, तेबा आधा राची मलाहे अनुमाने संघे पता लाऊ कि हामे कासु देशा सेटा पूजदे लागे। Viz kapitola |