शधाणूं 27:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 ज़ांऊं हाम्हैं ढिश-बागरी दी बडै भारी झ़लारै और ढेसै लागै ता दुजै धैल़ै लागै तिंयां आपणैं ज़हाज़े समाना पाणीं जैंदरी शोटदै। Viz kapitolaकुल्वी18 होर ज़ैबै आसै आँधी न बड़ै हिचकोलै होर धाक्कै खाऐ ता दुज़ै रोज़ै ते जहाज़ा रा समान शेटदै लागै, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 जेबा हामे आंधी संघे बहू हिचकोल होर धाके खाई, तेबा दूजे धयाडे त्याह माला फेंकदे लागे। Viz kapitola |