शधाणूं 25:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 दुजै धेल्लै पुजै राज़अ अग्रिप्पा तेऊए बैहण बिरनिके बडी ज़ै-ज़ैकारा मांझ़ै फौज़ी दले सरदारा और नगरीए बडै लोगा संघै सभा दी। ता फेस्तुस राजपालै दैनअ इहअ हुकम कि पल़सी आणा ओर्ही। Viz kapitolaकुल्वी23 दुज़ै रोज़ै ज़ैबै अग्रिप्पा होर बिरनीकै बड़ी धूमधामा सैंघै पलटनै रै अधिकारी होर नगरै रै बड़ै लोका सैंघै दरबारा न पुजै ता फेस्तुसै पौलुसा बै आंणनै रा हुक्मा धिना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 अतः दूजे धयाडे जेबा अग्रिप्पा होर बिरनीक बड़ी धूमधामा संघे आऊए होर सेनापति होर नगरा रे खास लोका संघे दरबारा में पूजे। तेबा फेस्तुस आज्ञा दीनी कि त्याह पौलुसा शादे। Viz kapitola |