शधाणूं 23:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 पल़सी भाल़अ माहा सभा बाखा राम्बल़ै करै और बोलअ, “भाईओ, मंऐं काटी आझ़ तैणीं परमेशरा सम्हनै शुचै रही ज़िन्दगी!” Viz kapitolaकुल्वी1 पौलुसै महासभा धिरै लगातार हेरिया बोलू, हे भाइयो मैं औज़ा तैंईंयैं परमेश्वरै री तैंईंयैं बिल्कुल सच़ै मनै ज़िन्दगी बिताई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 पौलुसे महासभा फेरा बे टकटकी लाई लगातार हरदअ रहु, होर बोलू, हे भाईओ मांई आज तणी परमेश्वरा बे बिलकुल शोभले मना संघे जीबन बिताऊ। Viz kapitola |