शधाणूं 22:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 ता हुंह बधल़ुअ धरनीं, और मंऐं शूणअ इहअ बैण, ‘ए शाऊल, ए शाऊल, तूह किल्है आसा मुंह दुखी करदअ लागअ द?’ “मंऐं पुछ़अ इहअ, ‘हे प्रभू तूह कुंण आसा?’ Viz kapitolaकुल्वी7 होर हांऊँ धौरती पैंधै लोमा पौऊ : होर ऐ आवाज़ शुणी, हे शाऊल, ‘हे शाऊल, तू मुँभै किबै सता सा?’” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम7 होर हाऊं माटे पैंदे पडू होर यह शब्द शूंणू, हे शाऊल, हे शाऊल, तूह माह किबे सताउन्दा? Viz kapitola |