शधाणूं 22:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 एसा गल्ले आसा माहा परोहित और सोभी मुखियै गवाह कि तिन्नां मांझ़ै कई यहूदी भाईए नांओंए च़िठी लई करै त लागअ द दमिश्क नगरी लै डेऊंदअ कि तिधी बी ज़ुंण होए, तिंयां आणनैं बान्हीं करै येरुशलेम नगरी लै ताकि तिन्नां लै सज़ा दैई सके। Viz kapitolaकुल्वी5 ऐसा गैलै री तैंईंयैं महापुरोहित होर स्याणै गुआह सी। तिन्हां न विश्वासी भाई री चिट्ठी लेइया हांऊँ दमिश्क शैहरा बै ज़ाँदा लागा ती, कि ज़ो तौखै होलै तिन्हां बै भी सज़ा देणै री तैंईंयैं हांऊँ बोनिआ यरूश्लेम शैहरा बै आंणनु।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 ऐसा गला री तणी महायाजक होर बजुर्ग भी गुआही साहा, कि त्याहा में का मांई भाई रे ना पैंदे चिठ्ठी लई करे दमिश्का का चलू, कि तखे लोका बंदी बणाई करे यरूशलेम बे आऊये। Viz kapitola |