शधाणूं 22:13 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 मुंह सेटा खल़्हुई करै तेऊ बोलअ, ‘भाई शाऊल, ताखा लोल़ी भी आछी का शुझणअ लागअ’ और तेभी खुल्ही मेरी आछी और मुखा लागअ सह शुझदअ। Viz kapitolaकुल्वी13 होर खड़ै होईया मुँभै बोलू, हे भाई शाऊल दबारा हेरदा लाग, तेसा घड़ियै मेरी औछ़ी खुली होर मैं सौ हेरू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम13 होर खड़े होई करे माह का बोलू, हे भाई शाऊल! ताह हेरदा लागे। तेबा मेरी आच्छी खुली होर माह भी हेरदा लागा। Viz kapitola |