शधाणूं 21:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 ज़ांऊं तिंयां सात धैल़ै पूरै हुऐ ता हाम्हैं लागै तिधा का हांढदै, और बेटल़ी माठै संघी दैनै हाम्हैं नगरी बागै पजैल़ी और हाम्हैं की समुंदरे बाढै ज़ान्हूं टेकी करै प्राथणां। Viz kapitolaकुल्वी5 सौत रोज़ा बाद ज़ैबै तौखै न आसरै ज़ाणै रा बौगत आऊ ता आसै तौखै न च़लै होर तिन्हैं सैभी बेटड़ियै होर शोहरूऐ आसै बाहरै तैंईंयैं छ़ौड़ै होर आसै समुन्द्रा रै कनारै पैंधै घुटनै टेकिआ प्रार्थना केरी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 जेबा त्या धयाडे पुरे होई, तेबा हामे तखाका नाठे होर सभिये बेटडी होर शोहरू संघे हामे नगरा बागे तणी पजेरी दिने, होर हामे किनारे में घुटने टेकी करे प्रार्थना करी। Viz kapitola |