शधाणूं 21:34 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान34 पर तिन्नां खास्सै लोगे जेल्ह-मरेल्ही मांझ़ा का लागै कोई किछ़ बोलदै और कोई किछ़ लैल़ा लांदै, और हाल्लै-गोल्लै मांझ़ै निं सह किछ़ गल्ला समझ़ी सकअ कि सत्त कै आसा। तेऊ दैनअ तिन्नां गहल़ा लै निंणैओ हुकम। Viz kapitolaकुल्वी34 पर भीड़ा न कोई किछ़ होर कोई किछ़ चलांदै रौहै पर ज़ैबै हुलड़ै री बजहा ठीक तैरहा सच़ाई नी ज़ाणी सकू ता तेइबै किलै बै नेणै रा हुक्म धिना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम34 पर भिड़ा में एखा जोरे -जोरे बोलदे लागे थी, होर एखा हाले पाउदे लागे थी। जेबा हाले री बजह संघे सच्चाई पता नांई चली तेबा सेनापति तेऊ किले में नीणे री आज्ञा दीनी। Viz kapitola |