शधाणूं 2:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 किल्हैकि ताह निं मेरै प्राण नरका दी छ़ाडणैं, और नां ताह आपणैं पबित्र मणछे ल्हासा चिजणैं दैणअ। Viz kapitolaकुल्वी27 किबैकि तौ मेरै प्राण नरका न नी छ़ौड़नै, होर न तौ आपणै पवित्र लोका री लाशा बै चौकिणै देणी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 किबेकी ताह मेरे प्राण अधोलोका में नांई छाडने, होर ना आपणे पबित्र जना सड़ने दीणा। Viz kapitola |