शधाणूं 2:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 हेरा हेरी हुई सरगा का एक ढिश बागरी ज़ेही छ़ेल़ और ज़ेऊ घरै तिंयां बेठै दै तै सह सारअ घर बज़ेर्हूअ। Viz kapitolaकुल्वी2 होर एकदम स्वर्गा न एक बड़ै ब्यानै री छ़ेड़ हुई होर तेथै लाइया ज़ौखै ते बेठै ती सौ सारा घौर भौरूआ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 एकदम सरगा का बड़ी आंधी संघे ज़ोरे एक शब्द होऊ, होर तेसा आंधी संघे सारअ घर जखे त्याह बेठेदे थी, गुन्जू। Viz kapitola |