शधाणूं 19:37 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान37 किल्हैकि तम्हैं ज़ुंण ईंयां मणछ ढाकी आसा आणै दै, ईंयां नां ता देहुरै लुटणैं आल़ै आथी, और नां म्हारी देबीए निंदा करदै। Viz kapitolaकुल्वी37 किबैकि तुसै ऐ मांहणु आंणै सी ज़ो कि मन्दिरा बै लूटणू आल़ै नी ऑथि होर न आसरी देवी री निन्दा केरदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम37 किबेकी तमे याहा मणश आणी दे जोह ना मन्दिरा लुटण आले होर ना माहरी देवी रे निंदा करण आले साहा। Viz kapitola |