शधाणूं 19:31 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान31 मुखियै मांझ़ै ज़ुंण पल़सीए कई साथी तै तिन्नैं बी दैनअ तेऊ लै समाद और तिन्नैं की एही अरज़ कि रंगशाल़ा लै डेऊई करै निं खातरै दी पल़ी। Viz kapitolaकुल्वी31 आसियै रै हाकिमा न बी तेइरै कई सैंघियै तेई हागै सँदेशा भेज़ू होर अर्ज़ केरी कि मँचा बै ज़ाइआ कोई ज़ोखिम नी च़कणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम31 आसिया रे जजा मेंज़ा का तेऊरे कई दोस्त भेजी करे बिनती करी की नाटक घरा में नांही करे ज़ोखिम नांई ऊठाए। Viz kapitola |