शधाणूं 18:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 ज़ांऊं अपूलोसै पारा बाखा होथी करै अखाया लै डेऊणेओ बच़ार किअ ता होरी विश्वासी भाई लिखी हैअ दैई करै यूनान रहणैं आल़ै विश्वासी च़ेल्लै लै च़िठी कि एऊ संघै मिलै शोभलै करै। तेऊ की तिधी पुजी करै तिन्नें बडी भारी मज़त, ज़ुंणी जशा दी विश्वास किअ त। Viz kapitolaकुल्वी27 ज़ैबै तेइयै पौरै बै उतरिआ अखाया प्रदेशा बै ज़ाणै रा फैसला लेऊ बिश्वासी लोकै तेइबै हौंसलै देईया च़ेले बै लिखू, कि ते तेई सैंघै शोभली तैरहा मिललै होर तेइयै तौखै पुजिआ तिन्हां लोकै री बड़ी मज़त केरी ज़ुणियै अनुग्रह री बजहा प्रभु पैंधै बशाह केरू ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 जेबा तेऊ निश्चय करू कि पार उतरी करअ अखया बे नांहणा तेबा भाईऐ ढाढ़स देई करे चेले बे लिखू कि त्याह तेऊ अच्छी तरह मिले; होर तेऊ तखे पूजी करे त्याह लोका री बड़ी सहायता करी जासू अनुग्रह री बजा बुशाह करू। Viz kapitola |