शधाणूं 17:32 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 मूंऐं दै मणछे ज़िऊंदै हणें गल्ला शूणीं करै लागै कई लोग हास्सदै सुहांगा करदै और कई बोलअ इहअ, “एसा गल्ला होए शूणीं हाम्हैं ताखा केभै दुजी बारी।” Viz kapitolaकुल्वी32 मूँऐंदै रै ज़िन्दै होंणै री गैल शुणिया केतरै लोका ता मज़ाक केरदै लागै होर केतरै लोकै बोलू, ऐ गैल आसा तौ न दबारा कैधी नी शुणनी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 मुंऐदे रे पुनरुत्थाना री गला शूणी कुछ लोका ठठे करदे लागे, होर कुछ बोलू, यह गलअ हामा ताहका कासु होरी धयाडी शूणनी। Viz kapitola |