शधाणूं 16:30 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 तेखअ तिंयां बागा लै काढी करै बोलअ तेऊ दरोगै, “श्रीमान, हुंह किज़ै करूं कि मुंह उद्धार भेटे?” Viz kapitolaकुल्वी30 होर तिन्हां बै बाहरै आंणिआ बोलू, “ओ परमेश्वरै रै भलै मांहणुओ, मुक्ति पाणै री तैंईंयैं मूँ कि केरना?” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 होर त्याह बाग आणी करे बालू, हे मालको, उद्धारा पाऊंणे री तणी हांऊ केह करू? Viz kapitola |