शधाणूं 16:27 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान27 दरोगअ उझ़ुअ खल़अ, ता कैद खाने दुआर भाल़ै तेऊ घुआल़ी। तेऊ सोठअ इहअ कि तिंयां कैदी ठुर्है, ता तेऊ काढी तलबार और तेऊ लाई ती आप्पू मारना लै आपणैं कैल़ै तलबारै बाही। Viz kapitolaकुल्वी27 ज़ैबै सिपाही उठु ता तेइयै खुलै दुआर हेरिया सोच़ू कि सैभै कैदी भैगै, होर तलवार कौढिआ आपु बै मारना चाहू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम27 दरोग ऊठू, होर जेला रे दुआर खुले भाली समझू कि कैदी ठुरी, अतः तेऊ तलबार खींची करे आपणे आपा बे मरणा चाहू। Viz kapitola |