शधाणूं 16:26 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान26 हेरा-हेरी हुई तिधी ज़ाज़री और इधी तैणीं कि कैद खाने आथरी सिक्की आजू-पिछ़ू और तेभी दुआर खुल्है और सारी शांघल़ी चुटी। Viz kapitolaकुल्वी26 ऐतरै न एकदम बड़ी ज़ौज़री हुई औखै तक कि बन्दी घौरै री मनियाद तक हिली, तैबै तुरन्त सैभै दुआर खुलै होर सैभी रै बन्धन खुलै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम26 एतरे में एकदम जाजरी होई, अखे तणी कि जेला रअ पाथर भी हिलू, होर तेभरी सारे दुआर खुली; होर सभे बंधन खुली। Viz kapitola |