शधाणूं 15:9 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान9 “विश्वासा करै तिन्नें मन शुचै करी करै निं परमेशरै हाम्हां और तिन्नां दी किछ़ै फरक डाहअ। Viz kapitolaकुल्वी9 होर विश्वासै रै द्वारा तिन्हरै मन च़ोखै केरिया आसरै होर तिन्हरै बीच़ा न किछ़ भेद नी रैखू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम9 होर बुशाहे संघे त्याह रे मन शुद्ध करी करे हामा में होर त्याह में कोई फर्क नांई डाहू। Viz kapitola |