शधाणूं 15:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 पर फरीसी लोगे पंथा का ज़ुंण विश्वासा दी आऐ तै, तिन्नां मांझ़ै बोलअ कई इहअ, “ज़ुंणी होरी ज़ाती मांझ़ै विश्वास किअ तिन्नां लै दैणअ खतैर करनै और मुसा गूरे बधान मनणैंओ हुकम ज़रूरी।” Viz kapitolaकुल्वी5 पर फरीसी पँथै रै ज़ेतरै लोकै विश्वास केरू ती, तिन्हां न केतरै लोक उठिया बोलू, “कि होरी जाति रा खतना कराणा होर मूसै री मूसै री बिधान बै मनणै रा हुक्म देणा चेहिऐ।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 पर फरीसी रे पंथा मेंज़ा का जासु बुशाह करू, त्याह में कुछ उठी होर बोलू, त्याह खतना कराउणे होर मूसा री व्यवस्था मनने री आज्ञा दीनी लोडी। Viz kapitola |