शधाणूं 15:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 पर तिन्नां लै दैआ इहअ समाद लिखी कि तिंयां मुर्ति लै बल़ी किऐ दै मासा और लोहू का और गल़ा का मरोक्कै दै मासा का और कंज़रैई का रहै दूर। (मूल़ 9:4; लेबी बधान 3:17; 17:10-14) Viz kapitolaकुल्वी20 पर तिन्हां बै एक चिट्ठी लिखिया भेज़, कि ते मूँआ रै च़ढ़ाऐदै खाँणै बै न खाऐ, व्यभिचारा न होर गौल़ा घुटिया बलि केरूऐदै पशु रै माँस होर लोहू न दूर रौहलै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 पर त्याहबे लिखी करे भेजा कि त्याह मूर्ति री अशुद्धता होर ब्यभिचार होर गलअ घोंटी दे मांसा का लोहू का दूर रहे। Viz kapitola |