शधाणूं 14:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 तैबी निं सह आप्पू गवाह बाझ़ी रहअ; पर भलाई रहअ करदअ लागी और सरग रहअ हंदअ लागी और फल़ा-फल़ूटे ऋत दैई करै रहअ थारै मना रोटी-पाणीं करै बडी खुशी दी भरदअ लागी।” (भज़न 147:8; यिर्मयाह 5:24) Viz kapitolaकुल्वी17 तैबै बी परमेश्वरै आपणै भलै कोमा रै ज़रियै आपणै बारै न गुआही देंदा रौहू होर सर्गा न गाश-पाणी होर फ़ौल़ देणु आल़ा मौसम देइया तुसाबै रोटी देंदा रौहू होर तुसरै मना बै खुशी सैंघै भौरदा रौहू।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 तेबा भी तेऊ आपणे आपा बे गुआही नांई छाडू; पर सह भलाई करदअ रहू, होर सरगा कअ पाणी होर फलबंत ऋतू देई करे थारे मना धाम ना होर आनंदे संघे भरा। Viz kapitola |