शधाणूं 13:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 परमेशरै लाई ताल्है ऐबै सज़ा दैई! और तूह रहणअ थोल़ै धैल़ै कांणअ और ताखा निं सुरज़ शुझणअ।” तेखअ हुई तेभी तेऊए आछी कांणी और तेऊ का शुझुअ न्हैरअ और सह लागअ ओर्ही-पोर्ही ठणाखदअ कि तेऊओ कुंण हाथ ढाके। Viz kapitolaकुल्वी11 ऐबै हेर प्रभु तौभै सज़ा देणु आल़ा सा होर तौ किछ़ बौगता ढौई कांणै रौहणा होर तौ सूरज़ नी हेरना।” तैबै तुरन्त तेई सामनै धुँधला होर निहारा हुआ होर सौ औरै-पौरै तोपिदा लागा कि कोई तेइरै हौथा बै ढौकला। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 एबा हेर, परमेश्वरा रअ हाथ ताह पैंदे लागअदअ साहा; होर एबा तूह कुछ वक्त तणी कांणअ रंहणअ होर ताह धूपा भालणा नांई भेटणा। तेबा तेभरी धुंधलापन होर न्याहरा तेऊ पैंदे छाऊ, होर सह ओहरी-पोहरी लोडदअ लागअ की कोई तेऊरअ हाथ डाकी सके। Viz kapitola |