शधाणूं 12:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 कैद खानै बागै त पतरसा लै पहरअ पाअ द और विश्वासी मंडल़ीए सोभै भाई-बैहण तै एक मन हई करै कबल्लै परमेशरा का प्राथणां करदै लागै दै। Viz kapitolaकुल्वी5 होर ज़ैबै बोहू ध्याड़ै न कैदखानै मौंझ़ै पतरसै री रखवाली होंदी रौही, पर मण्डली तेइरी तैंईंयैं लगातार परमेश्वरा हागै प्रार्थना केरदी लागी ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 जेला में पतरसा री देख भाल हुंदा थी, पर कलीसिया में लोका लगातार करे मन लाई तेऊरी तणी परमेश्वरा का प्रार्थना करदे लागेदे थी। Viz kapitola |